Namo Drone Didi Scheme 2026: महिलाओं के लिए ड्रोन पायलट बनने और कमाई का सुनहरा मौकाभारत के कृषि क्षेत्र में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ पारंपरिक तरीकों की जगह तकनीक ले रही है। अक्सर हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं घरेलू कामों और खेती की मजदूरी तक ही सीमित रह जाती थीं। उनके पास कौशल होने के बावजूद आधुनिक रोजगार के अवसरों की कमी थी। नागरिकों की इसी परेशानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Namo Drone Didi Scheme की शुरुआत की है। ताजा अपडेट के अनुसार, यह योजना अब अपने सबसे सफल चरण में है और हजारों महिलाएं ‘ड्रोन पायलट’ बनकर अपने गाँवों की तस्वीर बदल रही हैं। अगर आप भी किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, तो यह जानकारी आपके जीवन को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकती है। इस लेख में हम आपको ड्रोन दीदी बनने की पूरी प्रक्रिया, ट्रेनिंग और कमाई के बारे में विस्तार से बताएंगे।

Table of Contents

Key Details (मुख्य जानकारी)

बिंदुविवरण
योजना का नामNamo Drone Didi Scheme
योजना का प्रकारकेंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं कृषि योजना
शुरू करने वाली संस्थाभारत सरकार
संबंधित मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
लॉन्च वर्ष2023
कार्यान्वयन अवधि2024-25 से 2025-26
कुल बजट₹1261 करोड़
लक्षित लाभार्थीग्रामीण महिला Self Help Groups (SHGs)
योजना का उद्देश्यमहिलाओं को drone technology से जोड़कर रोजगार व आय के अवसर देना
Drone उपयोगFertilizer spray, pesticide spray, crop management
Drone लागत पर Subsidy80% तक (अधिकतम ₹8 लाख)
Loan सुविधा3% ब्याज दर पर कृषि अवसंरचना फंड के अंतर्गत
Training अवधि15 दिन (Drone Pilot + Agriculture Use)
Training Providerसरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान
कमाई का माध्यमकिसानों को paid drone services प्रदान करना
आवेदन प्रक्रियाजिला स्तर पर SHG का चयन
ऑफिशियल कार्यान्वयनDAY-NRLM के माध्यम से

Namo Drone Didi Scheme और इसके मुख्य उद्देश्य

केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस योजना का विजन बहुत ही आधुनिक और प्रेरणादायक है। इसका मुख्य उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सशक्त बनाना और उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य में मदद करना है। namo drone didi scheme के माध्यम से महिलाओं को कृषि ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे खेतों में नैनो यूरिया और कीटनाशकों का छिड़काव तकनीक की मदद से कर सकें।

इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि रसायनों के सीधे संपर्क में न आने के कारण किसानों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। सरकार का लक्ष्य 15,000 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराना है। 2026 में यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि भारतीय कृषि को ‘स्मार्ट फार्मिंग’ की ओर ले जा रही है। यह योजना महिलाओं के प्रति समाज के नजरिए को भी बदल रही है, जहाँ अब ‘दीदी’ केवल घर नहीं बल्कि आसमान में ड्रोन भी संभाल रही हैं।

Namo Drone Didi Scheme portal
Namo Drone Didi Scheme Portal

ड्रोन दीदी बनने के लिए जरूरी पात्रता और मापदंड

इस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा बनने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक महिला की आयु 18 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए। drone didi scheme eligibility के अनुसार आवेदक महिला का किसी सक्रिय स्वयं सहायता समूह (SHG) का सदस्य होना अनिवार्य है।

शिक्षा की बात करें तो आवेदक कम से कम 10वीं पास होनी चाहिए ताकि वह ड्रोन के तकनीकी पहलुओं और रिमोट कंट्रोल के निर्देशों को आसानी से समझ सके। इसके अलावा आवेदक का स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए क्योंकि ड्रोन उड़ाने के लिए एकाग्रता और शारीरिक सक्रियता की आवश्यकता होती है। Namo Drone Didi Scheme में प्राथमिकता उन महिलाओं को दी जाती है जो पहले से कृषि कार्यों में रुचि रखती हैं या जिनके पास अपनी जमीन है। 2026 के नए नियमों के अनुसार, अब चयन प्रक्रिया में ‘फैमिली आईडी’ के डेटा को भी आधार बनाया जा रहा है ताकि सही लाभार्थियों तक लाभ पहुँच सके।

ट्रेनिंग मॉड्यूल और ड्रोन पायलट लाइसेंस

एक बार चयनित होने के बाद महिलाओं को एक सघन प्रशिक्षण (Intensive Training) कार्यक्रम से गुजरना होता है। यह ट्रेनिंग आमतौर पर 15 दिनों की होती है, जिसे दो भागों में बांटा गया है:

  1. तकनीकी प्रशिक्षण (5 दिन): इसमें ड्रोन के पुर्जों, बैटरी मैनेजमेंट और रिमोट कंट्रोल के बारे में सिखाया जाता है।
  2. कृषि प्रशिक्षण (10 दिन): इसमें खेतों में छिड़काव के तरीके, रसायनों का सही मिश्रण और मौसम के अनुसार ड्रोन के इस्तेमाल की जानकारी दी जाती है।

Namo Drone Didi Scheme की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद महिलाओं को एक आधिकारिक Drone Pilot License प्रदान किया जाता है। यह लाइसेंस न केवल उन्हें इस सरकारी योजना के लिए पात्र बनाता है, बल्कि भविष्य में निजी एग्रो-टेक कंपनियों में नौकरी के अवसर भी खोलता है। सरकार इन महिलाओं को ‘ड्रोन सखी’ के रूप में तैयार करती है जो न केवल खुद काम करती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करती हैं।

ड्रोन खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी और वित्तीय सहायता

ड्रोन एक महंगी मशीन है, इसलिए सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के लिए Namo Drone Didi Scheme के तहत बहुत ही आकर्षक वित्तीय मॉडल तैयार किया है:

विवरणवित्तीय सहायता
कुल सब्सिडीड्रोन की लागत का 80%
अधिकतम सब्सिडी राशि₹8,00,000 (8 लाख रुपये)
बाकी 20% राशिएग्री इन्फ्रा फंड (AIF) के तहत सस्ता लोन
ब्याज पर छूटलोन पर 3% की अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी

नोट: इस वित्तीय सहायता के कारण स्वयं सहायता समूहों पर शुरुआती निवेश का बोझ बहुत कम पड़ता है और वे काम शुरू करते ही कमाई करने लगती हैं।

कमाई का जरिया: ड्रोन दीदी कितनी सैलरी या आय पा सकती हैं?

एक बहुत बड़ा सवाल जो महिलाओं के मन में आता है, वह है drone didi salary या कमाई के बारे में। यहाँ यह समझना जरूरी है कि यह कोई फिक्स्ड सरकारी नौकरी नहीं है, बल्कि एक सर्विस-बेस्ड आय मॉडल है। एक ड्रोन दीदी प्रति एकड़ छिड़काव के लिए ₹300 से ₹500 तक चार्ज कर सकती है।

आमतौर पर एक दिन में एक ड्रोन के जरिए 20 से 25 एकड़ खेत कवर किए जा सकते हैं। इस हिसाब से एक स्वयं सहायता समूह अच्छी खासी कमाई कर सकता है। समूह द्वारा ड्रोन दीदी को प्रति माह ₹15,000 से ₹20,000 तक का मानदेय (Honorarium) दिया जा सकता है। इसके अलावा फसल के सीजन में मांग अधिक होने पर यह आय और भी बढ़ जाती है। 2026 में कई गांवों में ड्रोन दीदी अपनी आय से न केवल अपना घर चला रही हैं, बल्कि छोटे-मोटे बिजनेस में भी निवेश कर रही हैं।

Namo Drone Didi Scheme Online Registration की प्रक्रिया

Namo Drone Didi Scheme पंजीकरण की प्रक्रिया मुख्य रूप से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से और सरकारी पोर्टल के जरिए होती है। यदि आप पात्र हैं, तो आपको सबसे पहले अपने SHG लीडर से संपर्क करना होगा। namo drone didi scheme online registration के लिए आपको ‘Lakhpati Didi’ पोर्टल या कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

पंजीकरण के दौरान आपको अपनी फैमिली आईडी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और SHG का पंजीकरण प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद जिला स्तर पर चयन समिति आवेदनों की जांच करती है और योग्य उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। 2026 में सरकार ने इस प्रक्रिया को और भी सरल बना दिया है, जहाँ अब मोबाइल ऐप के जरिए भी आवेदन की प्रगति ट्रैक की जा सकती है।

योजना के मुख्य लाभ और सामाजिक प्रभाव

इस योजना (Namo Drone Didi Scheme) के फायदे केवल पैसों तक सीमित नहीं हैं। इसके कई दूरगामी सामाजिक लाभ हैं:

  • महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाएं अब हाई-टेक पायलट के रूप में पहचानी जा रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
  • खेती में सुधार: ड्रोन से छिड़काव करने पर पानी की 90% और खाद की 20% तक बचत होती है।
  • समय की बचत: जिस काम में मजदूर को पूरा दिन लगता था, वह ड्रोन के जरिए मात्र 10-15 मिनट में पूरा हो जाता है।
  • स्वास्थ्य सुरक्षा: रसायनों का छिड़काव दूर से होने के कारण महिलाओं और किसानों को फेफड़ों और त्वचा की बीमारियों का खतरा नहीं रहता।

महत्वपूर्ण अपडेट और 2026 की नई गाइडलाइन्स

2026 में सरकार ने ड्रोन के रखरखाव (Maintenance) के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। अब हर क्लस्टर में एक ‘ड्रोन रिपेयरिंग सेंटर’ खोला जा रहा है ताकि किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में काम न रुके। इसके अलावा, ड्रोन दीदी को अब ‘मौसम मित्र’ की ट्रेनिंग भी दी जा रही है ताकि वे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी भी दे सकें।

महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने Drone Log Book को नियमित रूप से अपडेट रखें और समय-समय पर ड्रोन की बैटरी और सेंसर की जांच करवाती रहें। सरकार अब ड्रोन के माध्यम से खेतों की मैपिंग और फसलों की बीमारी का पता लगाने जैसे नए फीचर्स भी जोड़ रही है, जिससे ड्रोन दीदी की उपयोगिता और भी बढ़ जाएगी।

भारत सरकार की यह पहल देश की आधी आबादी को ‘उड़ान’ देने का काम कर रही है। हम आपको यही प्रोत्साहित करते हैं कि यदि आपमें कुछ नया सीखने का जज्बा है, तो अपनी आर्थिक स्थिति को बाधा न बनने दें। Namo Drone Didi Scheme आपके लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता का द्वार खोलती है। अपने स्वयं सहायता समूह से बात करें और आज ही इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें। तकनीक और महिला शक्ति का यह मिलन ही विकसित भारत की नींव रखेगा। सही जानकारी और कड़ी मेहनत से आप भी अपने गाँव की ‘ड्रोन दीदी’ बनकर एक मिसाल पेश कर सकती हैं।

Namo Drone Didi पोर्टल – https://namodronedidi.php-staging.com/

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या व्यक्तिगत तौर पर कोई महिला ड्रोन के लिए आवेदन कर सकती है?

नहीं, वर्तमान में यह योजना केवल महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए है। व्यक्तिगत लाभ के लिए आप अन्य कृषि लोन योजनाओं का सहारा ले सकती हैं।

क्या ड्रोन उड़ाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत है?

नहीं, लेकिन सरकार द्वारा दी जाने वाली 15 दिनों की ट्रेनिंग और उसके बाद मिलने वाला ‘ड्रोन पायलट लाइसेंस’ अनिवार्य है।

ड्रोन खराब होने पर उसकी मरम्मत का खर्च कौन उठाएगा?

शुरुआती वर्षों में मेंटेनेंस का खर्च अक्सर वेंडर या सरकारी क्लस्टर द्वारा वहन किया जाता है। ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को बेसिक रिपेयरिंग भी सिखाई जाती है।

क्या यह योजना केवल नैनो यूरिया के लिए है?

मुख्य रूप से इसे नैनो यूरिया और कीटनाशकों के लिए प्रमोट किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसका उपयोग फसलों की निगरानी और मैपिंग के लिए भी किया जा सकता है।

पंजीकरण के लिए कितनी फीस देनी पड़ती है?

पंजीकरण और ट्रेनिंग की प्रक्रिया सरकार द्वारा प्रायोजित (Sponsored) होती है, इसलिए लाभार्थी महिलाओं से कोई बड़ी फीस नहीं ली जाती।

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Janit Kumar Jatain
Janit Jatain is a CSC-certified Village Level Entrepreneur (VLE) with over 13 years of experience in digital governance. Since 2012, he has been the driving force behind Janhit E-Solution, bridging the gap between government schemes and citizens in Haryana. He specializes in simplifying complex documentation, ensuring verified and accurate information for everyone.

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