भारत में न्याय प्राप्त करना अक्सर एक लंबी और महंगी प्रक्रिया मानी जाती है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर छोटे-छोटे विवादों (जैसे जमीन, पारिवारिक झगड़े या दस्तावेजी गड़बड़ी) के लिए वकीलों की भारी फीस देने में असमर्थ होते हैं। जानकारी के अभाव में कई बार लोग कानूनी उलझनों में फंसे रहते हैं। नागरिकों के इसी डर और आर्थिक बाधा को दूर करने के लिए सरकार ने CSC Tele-Law सेवा को एक नई ऊंचाई पर पहुँचाया है। 2026 में, यह सेवा न केवल सीएससी केंद्रों पर बल्कि ‘Tele-Law for Citizens’ मोबाइल ऐप के माध्यम से आपके स्मार्टफोन पर भी उपलब्ध है। इस लेख में हम आपको घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया बताएंगे।

Key Details – CSC Tele-Law

मुख्य विवरणजानकारी (Fresh Update 2026)
योजना का नामटेली-लॉ (Tele-Law)
विभागन्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय
मुख्य सेवावीडियो कॉल/फोन पर कानूनी परामर्श
लाभार्थीसमाज के वंचित वर्ग, महिलाएं, और गरीब परिवार
परामर्श शुल्कपात्र श्रेणियों के लिए निःशुल्क (Free)
संपर्क केंद्रनजदीकी सीएससी (CSC) या मोबाइल ऐप

CSC Tele-Law क्या है और इसके मुख्य उद्देश्य?

टेली-लॉ एक ऐसी डिजिटल पहल है जो आम नागरिकों को पैनल वकीलों (Panel Lawyers) से सीधे जोड़ती है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘सबके लिए न्याय’ सुनिश्चित करना है। यह सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जो भौगोलिक या आर्थिक कारणों से उच्च न्यायालयों या बड़े वकीलों तक नहीं पहुँच सकते।

Tele-Law 2.0 (2026 वर्जन) में, इसे अब Nyaya Bandhu (प्रो-बोनो सेवा) के साथ एकीकृत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब आप न केवल सलाह ले सकते हैं, बल्कि यदि आपका मामला गंभीर है, तो आपको अदालत में प्रतिनिधित्व के लिए वकील भी मिल सकता है। यह सेवा लोक अदालतों और कानूनी साक्षरता शिविरों को डिजिटल रूप में आपके घर तक लाती है।

Tele-Law के तहत मुफ्त सलाह के लिए पात्रता (Eligibility)

यद्यपि टेली-लॉ की सेवा सभी के लिए उपलब्ध है, लेकिन सरकार ने समाज के कुछ विशिष्ट वर्गों के लिए इसे पूरी तरह मुफ्त (Free of Cost) रखा है। इन श्रेणियों में शामिल हैं:

  • महिलाएं और बच्चे: किसी भी आय वर्ग की महिला या बच्चा।
  • अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST): सभी पात्र सदस्य।
  • आपदा पीड़ित: बाढ़, सूखा या भूकंप जैसे प्राकृतिक आपदाओं के शिकार लोग।
  • श्रमिक और गरीब परिवार: जिनकी वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से कम है।
  • दिव्यांग व्यक्ति: शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम नागरिक।
  • हिरासत में व्यक्ति: वे लोग जो जेल या सुरक्षात्मक हिरासत में हैं।

नोट: जो नागरिक ऊपर दी गई श्रेणियों में नहीं आते, वे भी एक बहुत ही मामूली शुल्क (लगभग ₹30) देकर सीएससी के माध्यम से परामर्श ले सकते हैं।

पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज

टेली-लॉ सेवा का लाभ लेने के लिए बहुत अधिक कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होती। आपको केवल निम्नलिखित जानकारी की आवश्यकता होगी:

  1. आधार कार्ड: पहचान और पते के प्रमाण के लिए।
  2. मोबाइल नंबर: ओटीपी और अपॉइंटमेंट मैसेज प्राप्त करने के लिए।
  3. विवाद का विवरण: आप जिस समस्या पर सलाह चाहते हैं, उससे संबंधित यदि कोई कागज (जैसे एफआईआर, जमीन की फर्द आदि) हो तो साथ रखें।
  4. पात्रता प्रमाण: यदि आप मुफ्त श्रेणी में आते हैं, तो जाति प्रमाण पत्र या आय प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो)।

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Step-by-Step: कानूनी सलाह प्राप्त करने की प्रक्रिया

आप दो तरीकों से वकीलों से जुड़ सकते हैं:

तरीका 1: नजदीकी CSC केंद्र के माध्यम से

  • अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाएं और VLE को अपनी समस्या बताएं।
  • VLE आपका पंजीकरण Tele-Law Portal पर करेगा और आपकी पात्रता के अनुसार श्रेणी चुनेगा।
  • इसके बाद, आपकी सुविधा के अनुसार एक समय (Appointment) तय किया जाएगा।
  • नियत समय पर, VLE आपको केंद्र पर बुलाएगा और वीडियो कॉल के जरिए पैनल वकील से आपकी बात कराएगा।

तरीका 2: Tele-Law Mobile App के माध्यम से

  • प्ले स्टोर से ‘Tele-Law for Citizens’ ऐप डाउनलोड करें।
  • अपनी भाषा चुनें और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।
  • अपनी समस्या की श्रेणी (जैसे- पारिवारिक, संपत्ति, वैवाहिक आदि) चुनें।
  • ऐप पर उपलब्ध वकीलों की सूची से अपॉइंटमेंट बुक करें।
  • तय समय पर ऐप के जरिए ही वीडियो कॉल या फोन कॉल पर बात करें।

Tele-Law सेवा के मुख्य लाभ

  • समय और पैसे की बचत: आपको शहर जाकर महंगे वकीलों की फीस नहीं देनी पड़ती।
  • गोपनीयता: आपकी बातचीत और समस्या पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।
  • विशेषज्ञ सलाह: यहाँ मौजूद वकील अनुभवी होते हैं जो कानूनी बारीकियों को सरल भाषा में समझाते हैं।
  • समाधान की दिशा: वकील आपको बताते हैं कि आपको पुलिस स्टेशन जाना चाहिए, कोर्ट जाना चाहिए या आपसी समझौते से मामला सुलझ सकता है।
  • बहुभाषी सुविधा: आप अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

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2026 के महत्वपूर्ण अपडेट और सावधानियां

वर्ष 2026 में, टेली-लॉ पोर्टल पर ‘प्री-लिटिगेशन एडवाइस’ (Pre-litigation Advice) पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका मतलब है कि मामला कोर्ट पहुँचने से पहले ही उसे सुलझाने के कानूनी तरीके बताए जाते हैं। अब आप ऐप के जरिए अपने केस की ‘डिजिटल फाइल’ भी बना सकते हैं जहाँ आपके सभी परामर्श रिकॉर्ड रहते हैं।

सावधानी: हमेशा ध्यान रखें कि टेली-लॉ वकील आपको सलाह देते हैं, वे आपका केस लड़ने के लिए अधिकृत नहीं होते (जब तक कि उन्हें Nyaya Bandhu के तहत नियुक्त न किया जाए)। किसी भी वकील को फोन पर पैसे न भेजें। सीएससी केंद्र पर केवल निर्धारित सेवा शुल्क ही दें।

सरकार की यह पहल ‘न्याय सबके द्वार’ के सपने को सच कर रही है। हम आपको यही सलाह देते हैं कि किसी भी छोटे विवाद को बड़ा बनने देने के बजाय, समय पर कानूनी राय जरूर लें। CSC Tele-Law आपकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया एक सशक्त कवच है।

आधिकारिक वेबसाइट: https://www.tele-law.in

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या टेली-लॉ पर दी गई सलाह कोर्ट में मान्य होती है?

यह एक कानूनी परामर्श (Legal Advice) है जो आपको मार्गदर्शन देने के लिए है। इसे कोर्ट में साक्ष्य (Evidence) के रूप में पेश नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके आधार पर आप अपना केस मजबूत कर सकते हैं।

क्या मैं एक से अधिक बार सलाह ले सकता हूँ?

हाँ, यदि आपकी समस्या का समाधान एक बार में नहीं होता या कोई नई बात सामने आती है, तो आप दोबारा अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।

क्या वकीलों से बात करने का कोई समय निर्धारित है?

आमतौर पर यह सेवा कार्य दिवसों (Working Days) में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच उपलब्ध होती है।

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Janit Kumar Jatain
Janit Jatain is a CSC-certified Village Level Entrepreneur (VLE) with over 13 years of experience in digital governance. Since 2012, he has been the driving force behind Janhit E-Solution, bridging the gap between government schemes and citizens in Haryana. He specializes in simplifying complex documentation, ensuring verified and accurate information for everyone.

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