DAYALU vs DAYALU-II Yojana: DAPSY पोर्टल पर ‘Scheme Type’ में क्या चुनें? (पूरी जानकारी)

DAYALU vs DAYALU-II Yojana DAPSY पोर्टल पर 'Scheme Type' में क्या चुनें
DAYALU vs DAYALU-II Yojana DAPSY पोर्टल पर 'Scheme Type' में क्या चुनें

हरियाणा सरकार की दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (DAPSY) का ऑनलाइन फॉर्म भरते समय सबसे पहली और सबसे बड़ी गलती ‘Scheme Type’ चुनने में होती है।

जब कोई VLE या नागरिक पोर्टल (dapsy.finhry.gov.in) पर लॉगिन करता है, तो उसे दो विकल्प दिखाई देते हैं: DAYALU और DAYALU-II। अगर आपने गलत विकल्प चुनकर दस्तावेज़ अपलोड कर दिए, तो आपका क्लेम सीधे रिजेक्ट (Reject) कर दिया जाएगा।

Janhit e-Solution की इस खास गाइड में हम आपको इन दोनों योजनाओं के बीच का अंतर (Difference) बहुत ही आसान भाषा में समझाएंगे, ताकि आपका ₹5 लाख का क्लेम बिना किसी रुकावट के पास हो सके।

Quick Comparison: DAYALU vs DAYALU-II Yojana में क्या अंतर है?

तुलना का आधार (Feature)DAYALU (Scheme 1)DAYALU-II (Scheme 2)
मुख्य उद्देश्यप्राकृतिक/सड़क दुर्घटना में सहायताआवारा पशुओं के हमले में सहायता
कवर होने वाली दुर्घटनाएंबीमारी, रोड एक्सीडेंट, पानी में डूबना, करंट लगना।कुत्ते का काटना, सांड/गाय या जंगली जानवर का हमला।
आय सीमा (Income Limit)फैमिली आईडी में आय ₹1.80 लाख से कम होनी चाहिए।कोई आय सीमा नहीं (सभी PPP धारक पात्र हैं)।
ज़रूरी दस्तावेज़ (Main Doc)मृत्यु प्रमाण पत्र, FIR या FIR Waiverसरकारी अस्पताल की MLC (मेडिकल रिपोर्ट)
पुलिस FIRएक्सीडेंट के केस में FIR अनिवार्य है।कुत्ते के काटने/हमले में FIR अनिवार्य नहीं है।

1. आपको ‘DAYALU’ (Scheme 1) कब चुनना है?

DAYALU इस योजना का मूल (Original) रूप है। आपको पोर्टल पर यह विकल्प तब चुनना है जब मामला निम्नलिखित में से किसी एक का हो:

  • स्वाभाविक मृत्यु (Natural Death): यदि परिवार के किसी सदस्य की लंबी बीमारी, हार्ट अटैक या उम्र के कारण मृत्यु हो गई है।
  • सड़क या अन्य दुर्घटना (Accidental Death): यदि मृत्यु किसी वाहन दुर्घटना, छत से गिरने, पानी में डूबने, करंट लगने या सांप के काटने से हुई है।
  • स्थायी विकलांगता (Permanent Disability): यदि किसी गंभीर एक्सीडेंट के कारण 70% या उससे अधिक विकलांगता आ गई है।
  • ध्यान दें: इसके लिए आपकी फैमिली आईडी में आय 1 लाख 80 हज़ार से कम ‘Verified’ होनी 100% ज़रूरी है।

🔗 जरुरी : Scheme 1 के तहत बिना पुलिस FIR के क्लेम कैसे पास करवाएं? पूरी प्रक्रिया यहाँ पढ़ें: 👉 बिना पुलिस FIR के क्लेम कैसे लें? (FIR Waiver Process)

2. आपको ‘DAYALU-II’ (Scheme 2) कब चुनना है?

सरकार ने DAYALU-II को विशेष रूप से जानवरों के हमलों (Animal Attacks) के लिए शुरू किया है। आपको यह विकल्प तब चुनना है जब:

  • कुत्ते का काटना (Dog Bite): यदि किसी व्यक्ति को आवारा कुत्ते ने काट लिया है और उसे गंभीर चोट आई है।
  • आवारा/जंगली पशु का हमला: यदि सड़क पर किसी सांड (Bull), गाय, नीलगाय या गधे ने हमला कर दिया है, जिससे व्यक्ति घायल हो गया है, विकलांग हो गया है, या उसकी मृत्यु हो गई है।
  • ध्यान दें: DAYALU-2 का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आय की कोई सीमा नहीं है। अगर आपकी फैमिली आईडी में आय 3 लाख या 5 लाख भी है, तब भी आप कुत्ते के काटने पर क्लेम ले सकते हैं।

🔗 जरुरी : कुत्ते के काटने पर प्रति दांत ₹10,000 का क्लेम कैसे मिलता है? MLC बनवाने की प्रक्रिया यहाँ जानें: DAYALU-2: कुत्ते और आवारा पशुओं के हमले पर क्लेम कैसे लें?

CSC VLE भाइयों के लिए 3 सबसे बड़ी चेतावनियां (Warnings)

  1. मिक्स न करें (Don’t Mix Schemes): कई बार लोग सड़क दुर्घटना में FIR लगाते हैं और ‘Scheme Type’ में गलती से DAYALU-II चुन लेते हैं। ऐसे फॉर्म तुरंत रिजेक्ट हो जाते हैं।
  2. सांप का काटना (Snake Bite) कहाँ आएगा? याद रखें, सांप का काटना ‘जंगली जानवर का हमला’ नहीं माना जाता है, इसे ‘Accidental Death’ में गिना जाता है। इसलिए सांप काटने पर हमेशा DAYALU (Scheme 1) चुनें।
  3. MLC है तो Scheme 2: अगर आपके पास सिविल अस्पताल की ‘कुत्ते के काटने’ वाली MLC (Medical Legal Case) रिपोर्ट है, तो आंख बंद करके DAYALU-II चुनें।

फॉर्म भरते समय 3 बातें ध्यान रखें

  1. बीमारी या एक्सीडेंट के मामले में: अगर डेथ किसी बीमारी से हुई है या रोड एक्सीडेंट (वाहन से) हुई है, तो हमेशा DAYALU चुनें और ‘मृत्यु प्रमाण पत्र’ के साथ FIR/FIR छूट का दस्तावेज़ लगाएं।
  2. पशु हमले के मामले में: अगर चोट किसी सांड के मारने से लगी है या गली के कुत्ते ने काटा है, तो हमेशा DAYALU-II चुनें और इसके साथ ‘सरकारी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट (MLC)’ ज़रूर अपलोड करें।
  3. गलत विकल्प न चुनें: अगर आपने ‘कुत्ते के काटने’ की रिपोर्ट अपलोड की है और स्कीम टाइप में DAYALU (Scheme 1) चुन लिया है, तो विभाग द्वारा आपका फॉर्म तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

नीचे दिए गए लिंक्स का उपयोग करके आप सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं और अपना फॉर्म भर सकते हैं या स्टेटस चेक कर सकते हैं:

ज़रूरी काम (Important Tasks)डायरेक्ट लिंक (Direct Links)
DAYALU Portal (आधिकारिक वेबसाइट)यहाँ क्लिक करें
Apply Online / Login (ऑनलाइन आवेदन करें)यहाँ क्लिक करें
Status Check (अपने क्लेम का स्टेटस देखें)यहाँ क्लिक करें
Haryana DAYALU Yojana Scheme 1 (क्या है?)यहाँ पढ़ें
Janhit e-Solution (होमपेज)यहाँ क्लिक करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs- DAYALU vs DAYALU-II Yojana)

मैंने गलती से DAYALU की जगह DAYALU-II चुन लिया है, अब क्या करूँ?

अगर आपने फॉर्म फाइनल सबमिट कर दिया है, तो आप उसमें बदलाव नहीं कर सकते। अधिकारी वेरिफिकेशन के दौरान इसे ‘Revert’ (वापस) कर देंगे। फॉर्म वापस आने के बाद आप सही ‘Scheme Type’ चुनकर दोबारा सबमिट कर सकते हैं।

क्या दोनों योजनाओं (Scheme 1 और 2) का क्लेम अमाउंट (पैसा) एक समान है?

मृत्यु होने पर दोनों योजनाओं में क्लेम राशि (₹1 लाख से ₹5 लाख तक) आयु के अनुसार एक समान ही है। लेकिन, DAYALU-2 में ‘कुत्ते के काटने’ पर चोट की गंभीरता (प्रति दांत ₹10,000) के आधार पर अलग से मुआवजा दिया जाता है।

Janhit e-Solution निष्कर्ष: अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे कि DAPSY पोर्टल पर DAYALU vs DAYALU-II Yojana में से सही विकल्प का चुनाव कैसे करना है। योजना की पूरी जानकारी, दस्तावेज़ों की सूची और फॉर्म भरने के प्रोसेस के लिए आप हमारी DAYALU Yojana Master Guide 2026 पढ़ सकते हैं।

इस जानकारी को अपने सभी VLE ग्रुप्स और रिश्तेदारों के साथ ज़रूर शेयर करें, ताकि किसी का भी फॉर्म छोटी सी गलती के कारण रिजेक्ट न हो!

Janit Kumar Jatain
Janit Jatain is a CSC-certified Village Level Entrepreneur (VLE) with over 13 years of experience in digital governance. Since 2012, he has been the driving force behind Janhit E-Solution, bridging the gap between government schemes and citizens in Haryana. He specializes in simplifying complex documentation, ensuring verified and accurate information for everyone.

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