Deen Dayal Upadhyaya Antyodaya Parivar Suraksha Yojana (DAYALU) 2026: मृत्यु या दुर्घटना पर ₹5 लाख (Master Guide)

Deen Dayal Upadhyaya Antyodaya Parivar Suraksha Yojana (DAYALU) 2026 मृत्यु या दुर्घटना पर ₹5 लाख (Master Guide)
Deen Dayal Upadhyaya Antyodaya Parivar Suraksha Yojana (DAYALU) 2026 मृत्यु या दुर्घटना पर ₹5 लाख (Master Guide)

किसी भी परिवार में जब कमाने वाले मुख्य सदस्य (Breadwinner) की अचानक मृत्यु हो जाती है या वह किसी एक्सीडेंट में स्थायी रूप से विकलांग (Permanently Disable) हो जाता है, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसे मुश्किल समय में आर्थिक तंगी से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (DAPSY / DAYALU) चलाई है।

साल 2026 में सरकार ने इस योजना का दायरा और बढ़ा दिया है। अब यह योजना सिर्फ बीमारी या सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आवारा पशुओं (Stray Animals) के हमले भी शामिल कर लिए गए हैं।

Janhit e-Solution की इस विस्तृत मास्टर गाइड में हम आपको इस योजना की A to Z जानकारी देंगे—जैसे Eligibility (पात्रता) क्या है, Claim Amount कितना मिलता है, और बिना रिजेक्शन के Portal पर Online Apply कैसे करना है।

Table of Contents

DAYALU Yojana Haryana 2026: Quick Overview

योजना का विवरण (Scheme Highlights)महत्वपूर्ण जानकारी (Key Details)
योजना का पूरा नामदीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (DAPSY)
नोडल विभाग (Nodal Dept)हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास (HPSN), वित्त विभाग
मुख्य लाभार्थी (Beneficiaries)हरियाणा के निवासी जिनके पास Family ID है
आय सीमा (Income Limit)फैमिली आईडी में आय ₹1.80 लाख से कम Verified होनी चाहिए
वित्तीय सहायता (Financial Help)₹1 लाख से लेकर ₹5 लाख तक (आयु के अनुसार)
आवेदन की समय सीमा (Time Limit)मृत्यु/दुर्घटना की तारीख से 90 दिनों के भीतर (Strict Rule)
Official Portal Link[dapsy.finhry.gov.in]

योजना के प्रकार: DAYALU vs DAYALU-II (क्या कवर होता है?)

DAPSY Portal पर Claim File करते समय सबसे बड़ी कंफ्यूजन ‘Scheme Type’ चुनने में होती है। इसे 2 मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:

1. DAYALU (Scheme 1): सामान्य और एक्सीडेंटल क्लेम

यह मूल योजना है जो इन स्थितियों को कवर करती है:

  • Natural Death (स्वाभाविक मृत्यु): बीमारी, हार्ट अटैक या उम्र के कारण होने वाली मृत्यु।
  • Accidental Death (दुर्घटना मृत्यु): सड़क एक्सीडेंट, करंट लगना, पानी में डूबना, आग लगना आदि।
  • Permanent Disability (स्थायी विकलांगता): एक्सीडेंट के कारण शरीर का 70% या उससे अधिक विकलांग हो जाना।

2. DAYALU-II (Scheme 2): पशु हमला क्लेम (Animal Attack)

यह योजना का नया चरण है, जिसे विशेष रूप से जानवरों के हमलों के लिए बनाया गया है:

  • Dog Bite (कुत्ते का काटना): आवारा कुत्ते के काटने पर गंभीर चोट या रेबीज (Rabies) का इलाज।
  • Stray Animal Attack: सांड, गाय, नीलगाय आदि के हमले में घायल होना या मृत्यु होना।

🔗 ध्यान दें : पोर्टल पर सही Scheme Type कैसे चुनें ताकि फॉर्म रिजेक्ट न हो? यहाँ विस्तार से पढ़ें:

आयु के अनुसार कितनी सहायता राशि मिलेगी? (Compensation Slab)

DAPSY में मिलने वाला पैसा फिक्स (Fixed) नहीं है। यह घटना के समय सदस्य की आयु (Age) के अनुसार तय होता है। सरकार का उद्देश्य ‘Working Age’ (कमाने वाले वर्ग) को सबसे ज्यादा आर्थिक सुरक्षा देना है:

  • 0 से 12 वर्ष तक की आयु: ₹1,00,000 (1 लाख रुपये)
  • 12 से 18 वर्ष तक की आयु: ₹2,00,000 (2 लाख रुपये)
  • 18 से 25 वर्ष तक की आयु: ₹3,00,000 (3 लाख रुपये)
  • 25 से 45 वर्ष तक (मुख्य कमाने वाला वर्ग): ₹5,00,000 (5 लाख रुपये)
  • 45 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु: ₹3,00,000 (3 लाख रुपये)

🔗 Important Note: कुत्ते के काटने (Dog bite) पर प्रति दांत के निशान (Teeth mark) ₹10,000 तक की सहायता का प्रावधान DAYALU-II के तहत किया गया है। इसकी Medical Legal Case (MLC) प्रक्रिया जानने के लिए हमारी यह पोस्ट पढ़ें:

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria 2026)

अपना Claim Approved करवाने के लिए आवेदक को ये 3 मुख्य शर्तें पूरी करनी होंगी:

  1. Haryana Residency: मृतक या पीड़ित व्यक्ति हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. Family ID (PPP) अनिवार्य: पीड़ित के पास 8 अंकों का हरियाणा परिवार पहचान पत्र (Family ID) होना चाहिए।
  3. Verified Income Rule: फैमिली आईडी में परिवार की कुल वार्षिक आय (Annual Income) लोकल कमेटी द्वारा ₹1,80,000 से कम ‘Verified’ होनी चाहिए। अगर आय सिर्फ ‘Declared’ है, तो पोर्टल फॉर्म एक्सेप्ट नहीं करेगा।

दस्तावेज़ों की सूची (Required Documents for Upload)

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय इन Original Documents की साफ़ PDF फाइल (200KB से 500KB के बीच) अपलोड करनी होगी:

1. सामान्य मृत्यु (Natural Death) के लिए:

  • मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)।
  • नॉमिनी/मुखिया की बैंक पासबुक (Aadhaar NPCI Linked)।
  • फैमिली आईडी (PPP)।

2. दुर्घटना मृत्यु (Accidental Death) के लिए:

  • मृत्यु प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक।
  • Police FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) की कॉपी।
  • Postmortem Report (PMR) की कॉपी।

3. आवारा पशु के हमले/चोट (Animal Attack) के लिए:

  • सरकारी अस्पताल द्वारा जारी MLC (Medical Legal Case) रिपोर्ट।

🔗 Solution: पानी में डूबने या करंट लगने के केस में अक्सर Police FIR नहीं होती। ऐसे में क्लेम कैसे लें? इसके लिए SDM से Waiver बनवाना पड़ता है। पूरी प्रक्रिया यहाँ पढ़ें:

Online Apply Process: DAPSY पोर्टल पर क्लेम फॉर्म कैसे भरें?

अगर आप एक CSC VLE हैं या घर बैठे खुद अप्लाई कर रहे हैं, तो यह Step-by-Step प्रोसेस फॉलो करें:

  1. Visit Portal: आधिकारिक वेबसाइट https://dapsy.finhry.gov.in/ ओपन करें।
  2. Login/Apply: होमपेज पर ‘Apply/Login’ पर क्लिक करें और अपनी स्थिति के अनुसार Scheme Type (DAYALU या DAYALU-II) चुनें।
  3. Verify Family ID: अपनी Family ID दर्ज करें और ‘Send OTP’ पर क्लिक करें। (OTP परिवार के मुखिया के नंबर पर जाएगा)।
  4. Select Member: उस सदस्य को Select करें जिसकी मृत्यु हुई है या जिसे चोट लगी है।
  5. Fill Details: घटना की तारीख (Date of Incident), समय, और मृत्यु/दुर्घटना का कारण सही-सही भरें।
  6. Upload Documents: मांगे गए सभी दस्तावेज़ों (Death Certificate, FIR, PMR) की PDF फाइलें अपलोड करें।
  7. Final Submit: फॉर्म Submit करें और मिलने वाली Reference ID (रसीद) को प्रिंट कर लें।

🔗 CSC VLEs के लिए विशेष जानकारी: ऑनलाइन सबमिट करने के बाद फिजिकल फाइल SDM/CMO ऑफिस में कैसे जमा करवानी है, यह जानने के लिए हमारी यह B2B गाइड पढ़ें:

Application Status: अपने क्लेम को Track कैसे करें?

फॉर्म भरने के बाद, फाइल Verification के लिए अलग-अलग अधिकारियों (CMO और SDM) के पास जाती है। आप DAPSY पोर्टल पर ‘Track Claim’ सेक्शन में जाकर अपना Reference Number या Family ID डालकर Status चेक कर सकते हैं।

🔗 Janhit Link: ‘Pending at SDM’ या ‘Pending at CMO’ का क्या मतलब होता है और Claim Amount बैंक खाते में कब क्रेडिट होगा? इसकी पूरी जानकारी यहाँ लें:

नीचे दिए गए लिंक्स का उपयोग करके आप सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं और अपना फॉर्म भर सकते हैं या स्टेटस चेक कर सकते हैं:

ज़रूरी काम (Important Tasks)डायरेक्ट लिंक (Direct Links)
DAYALU Portal (आधिकारिक वेबसाइट)यहाँ क्लिक करें
Apply Online / Login (ऑनलाइन आवेदन करें)यहाँ क्लिक करें
Status Check (अपने क्लेम का स्टेटस देखें)यहाँ क्लिक करें
Haryana DAYALU Yojana Scheme 1 (क्या है?)यहाँ पढ़ें
Janhit e-Solution (होमपेज)यहाँ क्लिक करें

सम्पर्क और हेल्पलाइन (Contact / Helpdesk)

अगर आपको DAPSY (DAYALU) पोर्टल पर फॉर्म भरते समय कोई तकनीकी समस्या आ रही है, या आपका क्लेम लंबे समय से पेंडिंग (Pending) है, तो आप नीचे दिए गए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर और विभागों से संपर्क कर सकते हैं:

CSC VLEs और नागरिकों के लिए ‘Tips’

  • बिना FIR के क्लेम कैसे लें? कई बार सांप काटने या पानी में डूबने से हुई मौत में लोग FIR या पोस्टमार्टम नहीं करवाते। ऐसे मामलों में आपको अपने क्षेत्र के SDM (Sub-Divisional Magistrate) से एक ‘FIR Waiver Certificate’ (FIR से छूट का प्रमाण पत्र) बनवाकर पोर्टल पर अपलोड करना होगा, वरना क्लेम पास नहीं होगा।
  • 90 दिन का नियम: किसी भी हाल में मृत्यु या दुर्घटना के 90 दिनों के अंदर पोर्टल पर फॉर्म भर दें। 91वें दिन फॉर्म सबमिट ही नहीं होगा।
  • बैंक खाता चालू रखें: पैसा सीधे ‘Head of Family’ (परिवार के मुखिया) के खाते में DBT से आता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि मुखिया का बैंक खाता एक्टिव है और आधार से जुड़ा (NPCI Map) है।
  • विभाग का नाम: हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास (HPSN), वित्त विभाग, हरियाणा।
  • Family ID (PPP) हेल्पलाइन: 0172-3968400 / 1800-200-0023 (नोट: चूँकि यह योजना पूरी तरह से फैमिली आईडी पर आधारित है, इसलिए अगर इनकम या मेंबर डिटेल में कोई दिक्कत है, तो आप इन टोल-फ्री नंबरों पर कॉल कर सकते हैं)।
  • ऑनलाइन शिकायत: आप पोर्टल (dapsy.finhry.gov.in) पर दिए गए ‘Contact Us’ या ‘Grievance’ सेक्शन में जाकर सीधे विभाग को अपनी समस्या लिखकर ईमेल कर सकते हैं।

ऑफलाइन संपर्क (Physical Visit): अगर ऑनलाइन स्टेटस चेक करने पर आपका फॉर्म हफ्तों से एक ही जगह पेंडिंग दिखा रहा है, तो आपको अपने सभी ओरिजिनल दस्तावेज़ों (Death Certificate, FIR, Passbook, PPP) के साथ अपने ज़िले के निम्नलिखित अधिकारियों से मिलना चाहिए:

  1. SDM (उप-मंडल मजिस्ट्रेट) ऑफिस: दुर्घटना, पुलिस FIR, और परिवार की आय (Income) से जुड़े वेरिफिकेशन को पास करवाने के लिए।
  2. CMO (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) ऑफिस / सिविल अस्पताल: मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, और कुत्ते के काटने की मेडिकल रिपोर्ट (MLC) का वेरिफिकेशन पास करवाने के लिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

दयालु योजना का पैसा किसके बैंक खाते में आता है?

Claim Amount सीधे ‘परिवार के मुखिया’ (Head of Family – जैसा फैमिली आईडी में दर्ज़ है) के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाता है।

अगर किसी व्यक्ति का PMJJBY (प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना) चल रहा था, तो क्या उसे DAYALU का लाभ भी मिलेगा?

हाँ, लेकिन इसके नियम थोड़े अलग हैं। अगर आपको PMJJBY के तहत 2 लाख रुपये मिल चुके हैं, तो सरकार DAYALU योजना के कुल स्लैब (मान लीजिए 5 लाख) में से वह 2 लाख घटाकर बाकी के 3 लाख रुपये देगी।

अगर फॉर्म भरते समय ‘Income Not Verified’ का Error आ रहा है, तो क्या करें?

इसका मतलब है कि लोकल कमेटी ने आपकी आय सत्यापित नहीं की है। आपको meraparivar.haryana.gov.in पर जाकर इनकम वेरिफिकेशन के लिए Request (Grievance) डालनी होगी। (अधिक जानकारी के लिए हमारी ‘Login Errors’ वाली पोस्ट पढ़ें)

दयालु योजना (DAYALU) का पैसा कितने दिनों में बैंक खाते में आ जाता है?

फॉर्म सबमिट होने के बाद, फाइल संबंधित विभाग (CMO और SDM) के पास वेरिफिकेशन के लिए जाती है। सभी कागज़ात सही होने पर लगभग 1 से 2 महीने के भीतर पैसा ‘Direct Benefit Transfer’ (DBT) के ज़रिए खाते में भेज दिया जाता है।

यदि 25 साल के बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाए, तो किसे पैसा मिलेगा?

इस स्थिति में DAYALU योजना के तहत पूरे 5 लाख रुपये का क्लेम मिलेगा। यह पैसा फैमिली आईडी (PPP) में दर्ज ‘परिवार के मुखिया’ (Head of Family) के बैंक खाते में भेजा जाएगा।

क्या फॉर्म भरने की कोई सरकारी फीस है?

नहीं। DAPSY पोर्टल पर आवेदन बिल्कुल निःशुल्क है। हालांकि, अगर आप किसी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से फॉर्म भरवाते हैं, तो वे अपना मामूली ऑपरेटर चार्ज ले सकते हैं।

Janhit e-Solution निष्कर्ष: Deen Dayal Upadhyaya Antyodaya Parivar Suraksha Yojana (DAPSY) हरियाणा के गरीब परिवारों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण ढाल है। हमारा उद्देश्य इस जटिल सरकारी प्रक्रिया को आपके लिए आसान (Simple and Accessible) बनाना है।

अगर आपको फॉर्म भरने में कोई परेशानी आ रही है, तो नीचे Comment Box में पूछें। और हाँ, इस ‘Master Guide’ को अपने सभी WhatsApp Groups और ज़रूरतमंद लोगों के साथ Share करना न भूलें! क्या पता आपका एक शेयर किसी रोते हुए परिवार का सबसे बड़ा सहारा बन जाए!

Janit Kumar Jatain
Janit Jatain is a CSC-certified Village Level Entrepreneur (VLE) with over 13 years of experience in digital governance. Since 2012, he has been the driving force behind Janhit E-Solution, bridging the gap between government schemes and citizens in Haryana. He specializes in simplifying complex documentation, ensuring verified and accurate information for everyone.

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