भारत के कई राज्यों सहित हरियाणा में भी आवारा पशुओं (Stray Animals) और गली के कुत्तों का आतंक एक गंभीर समस्या बन चुका है। आए दिन सांड के हमले या कुत्तों के काटने (Dog Bite) की खबरें आती रहती हैं, जिससे लोगों को गंभीर चोटें आती हैं या उनकी मृत्यु तक हो जाती है। ऐसे में इलाज का भारी खर्च उठाना आम आदमी के लिए बहुत मुश्किल होता है।
इसी समस्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (DAPSY) का विस्तार करते हुए DAYALU-2 (Phase II) की शुरुआत की है।
Janhit e-Solution की इस विशेष गाइड में हम जानेंगे कि DAYALU-2 Yojana Haryana क्या है, कुत्ते के काटने पर प्रति दांत के निशान (Teeth Mark) का क्लेम कैसे मिलता है, और DAPSY पोर्टल पर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन (Online Apply) कैसे करें।
Table of Contents
DAYALU-2 Yojana Haryana (Scheme 2): एक नज़र में
| योजना का विवरण (Scheme Highlights) | महत्वपूर्ण जानकारी |
| योजना का नाम | DAYALU-2 Yojana Haryana (DAPSY Scheme 2) |
| योजना का उद्देश्य | जानवरों के हमलों के पीड़ितों को आर्थिक सहायता देना |
| कवर होने वाले हादसे | कुत्ते का काटना, आवारा/जंगली पशु का हमला |
| आय सीमा (Income Limit) | कोई आय सीमा नहीं (सभी PPP धारक पात्र हैं) |
| सहायता राशि (मुआवजा) | ₹10,000 से लेकर ₹5 लाख तक |
| आवेदन की समय सीमा | घटना के 90 दिनों के भीतर |
| Official Portal Link | [dapsy.finhry.gov.in] |
DAYALU-2 Yojana Haryana में किन जानवरों के हमले कवर होते हैं?
सरकारी अधिसूचना (No. Plg (HPSN)/2025/766) के अनुसार, DAPSY Scheme 2 के तहत निम्नलिखित जानवरों के कारण हुई दुर्घटना, चोट (Injury) या मृत्यु को कवर किया जाता है:
- गली/आवारा कुत्ते (Stray Dogs)
- आवारा पशु: गाय, सांड (Bull), बैल, गधा, भैंस, खच्चर आदि।
- जंगली जानवर: नीलगाय (रोज), बंदर या अन्य जंगली/रेगिस्तानी जानवर।
🔗 Janhit Link: यदि मृत्यु किसी वाहन दुर्घटना, हार्ट अटैक या करंट लगने से हुई है, तो यह DAYALU-2 में नहीं आएगा। उसके लिए Scheme 1 का फॉर्म भरना होगा। पूरी जानकारी के लिए पढ़ें: 👉 DAYALU Scheme 1: स्वाभाविक या दुर्घटना मृत्यु का क्लेम कैसे लें?
कितनी मिलेगी सहायता राशि? (Compensation Structure DAYALU-2 Yojana Haryana)
DAYALU-2 में मिलने वाली सहायता राशि को चोट की गंभीरता और पीड़ित की आयु के अनुसार दो भागों में बांटा गया है:
1. पशु हमले में मृत्यु या स्थायी विकलांगता होने पर:
अगर जानवर के हमले से व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है या वह विकलांग हो जाता है, तो आयु के हिसाब से क्लेम मिलता है:
- 0 से 12 वर्ष: ₹1,00,000
- 12 से 18 वर्ष: ₹2,00,000
- 18 से 25 वर्ष: ₹3,00,000
- 25 से 45 वर्ष: ₹5,00,000
- 45 से 60 वर्ष: ₹3,00,000
2. कुत्ते के काटने या घायल होने पर (Dog Bite & Injuries):
कुत्ते के काटने पर रैबीज के इंजेक्शन और इलाज का खर्च बहुत ज्यादा होता है, इसके लिए सरकार ने विशेष स्लैब बनाया है:
- मामूली चोट: कम से कम ₹10,000 की सहायता।
- गंभीर चोट: मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ₹10,000 से अधिक राशि।
- कुत्ते के काटने पर (Dog Bite Special Clause): पीड़ित को प्रत्येक दांत के निशान (Teeth Mark) पर ₹10,000 तक की सहायता राशि दी जाती है।
DAYALU-II के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
DAYALU-1 और DAYALU-2 में सबसे बड़ा अंतर ‘आय सीमा’ (Income Limit) का है:
- Family ID (PPP) अनिवार्य: आवेदक के पास हरियाणा का परिवार पहचान पत्र (Family ID) होना अनिवार्य है।
- आय सीमा की छूट (No Income Limit): DAYALU-1 में केवल ₹1.80 लाख से कम आय वाले परिवार पात्र थे, लेकिन DAYALU-2 के तहत PPP में पंजीकृत सभी परिवारों को कवर किया गया है। इसमें ₹1.80 लाख वाली शर्त लागू नहीं होती।
- 90 दिन का नियम: घटना की तारीख से 90 दिन के अंदर पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम फाइल करना ज़रूरी है।
ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents Required for Scheme 2)
कुत्ते के काटने या सांड के हमले का क्लेम लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ आपकी मेडिकल रिपोर्ट होती है। निम्नलिखित दस्तावेज़ों की साफ़ PDF तैयार रखें:
- मेडिकल लीगल केस (MLC): घटना के तुरंत बाद सरकारी अस्पताल (Civil Hospital/PHC/CHC) जाएं और MLC बनवाएं। प्राइवेट अस्पताल की पर्ची पोर्टल पर मान्य नहीं होती।
- डॉक्टर की रिपोर्ट: जिसमें स्पष्ट लिखा हो कि ‘कुत्ते ने काटा है’ और ‘दांतों के कितने निशान’ (Teeth marks) हैं।
- मृत्यु की स्थिति में: मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), FIR या पुलिस DDR (यदि हुई हो), और पोस्टमार्टम रिपोर्ट।
- अन्य दस्तावेज़: परिवार पहचान पत्र (PPP) और पीड़ित/मुखिया की बैंक पासबुक।
Online Apply Process: DAYALU-2 का फॉर्म कैसे भरें?
Step 1: DAPSY के आधिकारिक पोर्टल https://dapsy.finhry.gov.in/ पर जाएं।
Step 2: होमपेज पर ‘Apply/Login’ बटन पर क्लिक करें।
Step 3: “Select Scheme Type” में ड्रॉपडाउन से DAYALU-II (Animal Attack) चुनें।
Step 4: अपनी 8 अंकों की Family ID दर्ज करें और OTP डालकर वेरीफाई करें।
Step 5: परिवार के उस सदस्य का नाम चुनें जिस पर जानवर ने हमला किया है।
Step 6: दुर्घटना की तारीख चुनें और ‘Incident Type’ में जानवर का प्रकार (Dog, Bull, Nilgai) चुनें।
Step 7: अपनी MLC (Medical Report) और अन्य मांगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें।
Step 8: फॉर्म Submit करें और Reference ID को सुरक्षित रख लें।
🔗 Janhit VLE Tip: फॉर्म भरने के बाद अपने दस्तावेज़ों की हार्ड कॉपी नज़दीकी सिविल अस्पताल (CMO ऑफिस) में ज़रूर जमा करवाएं ताकि फाइल जल्दी ‘Approved’ हो सके। स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया यहाँ पढ़ें: 👉 DAYALU Application Status Check कैसे करें?
महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Direct Links)
नीचे दिए गए लिंक्स का उपयोग करके आप सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं और अपना फॉर्म भर सकते हैं या स्टेटस चेक कर सकते हैं:
| ज़रूरी काम (Important Tasks) | डायरेक्ट लिंक (Direct Links) |
| DAYALU Portal (आधिकारिक वेबसाइट) | यहाँ क्लिक करें |
| Apply Online / Login (ऑनलाइन आवेदन करें) | यहाँ क्लिक करें |
| Status Check (अपने क्लेम का स्टेटस देखें) | यहाँ क्लिक करें |
| DAYALU vs DAYALU-II (क्या अंतर है?) | यहाँ पढ़ें |
| Janhit e-Solution (होमपेज) | यहाँ क्लिक करें |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या DAYALU-2 Yojana Haryana (कुत्ते के काटने वाले क्लेम) में पुलिस FIR अनिवार्य है?
नहीं। कुत्ते के काटने या मामूली चोट के मामले में पुलिस FIR अनिवार्य नहीं है। सरकारी अस्पताल की ‘MLC’ (मेडिकल रिपोर्ट) ही काफी होती है। हालांकि, अगर सांड के हमले से मृत्यु हो गई है, तो पुलिस DDR/FIR लगानी पड़ सकती है।
मुझे एक आवारा कुत्ते ने काटा है, लेकिन मेरी फैमिली आईडी में इनकम 3 लाख रुपये है। क्या मुझे क्लेम मिलेगा?
हाँ, बिल्कुल मिलेगा! सरकारी अधिसूचना के अनुसार, DAYALU-2 (Scheme 2) में ₹1.80 लाख की आय सीमा का नियम हटा दिया गया है। यह योजना फैमिली आईडी (PPP) धारक सभी परिवारों के लिए है।
दांत के निशान (Teeth Mark) की पुष्टि कौन करेगा?
जब आप कुत्ता काटने पर सरकारी अस्पताल जाते हैं, तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर (Medical Officer) आपकी MLC रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखता है कि घाव कितना गहरा है और कितने दांतों के निशान हैं। उसी रिपोर्ट के आधार पर क्लेम पास होता है।
Janhit e-Solution निष्कर्ष: DAYALU-2 Yojana Haryana सरकार का एक बहुत ही सराहनीय कदम है, जिसने आवारा पशुओं के आतंक से जूझ रहे आम नागरिकों को एक बड़ी राहत दी है। अगर आपके आस-पास किसी को भी आवारा कुत्ते या सांड ने घायल किया है, तो उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाकर MLC बनवाएं और इस योजना का क्लेम ऑनलाइन फाइल करें।
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