DAYALU Yojana: बिना पुलिस FIR के ₹5 लाख क्लेम कैसे लें? (FIR Waiver Process 2026)

DAYALU Yojana बिना पुलिस FIR के ₹5 लाख क्लेम कैसे लें (FIR Waiver Process 2026)
DAYALU Yojana बिना पुलिस FIR के ₹5 लाख क्लेम कैसे लें (FIR Waiver Process 2026)

हरियाणा सरकार की दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (DAYALU / DAPSY) के तहत अगर किसी व्यक्ति की दुर्घटना (Accidental Death) में मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिलती है।

लेकिन पोर्टल का एक सख्त नियम है: ‘Accidental Death’ के मामले में पुलिस FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) अपलोड करना अनिवार्य है।

समस्या तब आती है जब दुर्घटना किसी गाड़ी से नहीं, बल्कि खेत में सांप के काटने (Snakebite), पानी में डूबने (Drowning) या करंट लगने से होती है। ऐसे मामलों में गांव के लोग अक्सर पुलिस-कचहरी के चक्कर से बचने के लिए FIR दर्ज़ नहीं करवाते।

अगर आपके केस में भी पुलिस FIR नहीं है, तो घबराएं नहीं! आपका क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा। Janhit e-Solution की इस गाइड में हम आपको ‘FIR Waiver’ (FIR से छूट) लेने का कानूनी और 100% वर्किंग तरीका बताएंगे।

FIR Waiver (FIR से छूट) क्या होता है?

‘FIR Waiver’ का मतलब है पुलिस की रिपोर्ट से आधिकारिक तौर पर छूट मिलना।

DAYALU योजना के नियमों के अनुसार, यदि किसी दुर्घटना में पुलिस केस (FIR) नहीं हुआ है, तो मृतक के परिवार को अपने क्षेत्र के SDM (Sub-Divisional Magistrate) से एक प्रमाण पत्र (Certificate) बनवाना होता है।

इस प्रमाण पत्र में SDM यह वेरिफाई करते हैं कि “मृत्यु वास्तव में एक हादसे से हुई है, इसमें कोई आपराधिक साजिश (Crime) नहीं है, इसलिए इस केस को FIR लगाने से छूट (Waiver) दी जाती है।” DAPSY पोर्टल पर FIR की जगह यही ‘Waiver Certificate’ अपलोड किया जाता है।

🔗 ध्यान दें : पोर्टल पर सही Scheme Type कैसे चुनें ताकि फॉर्म रिजेक्ट न हो? यहाँ विस्तार से पढ़ें:

किन दुर्घटनाओं में FIR Waiver काम आता है? (Eligible Cases)

ध्यान रखें, सड़क दुर्घटना (Road Accident) या हत्या के मामलों में FIR Waiver काम नहीं करेगा। वहां पुलिस FIR होना 100% अनिवार्य है। ‘छूट’ सिर्फ इन आकस्मिक दुर्घटनाओं (Natural Accidents) में मिलती है:

  1. सांप या किसी जहरीले जानवर का काटना (Snake or Insect Bite)
  2. पानी में डूबना (Drowning in canal/pond)
  3. करंट लगना (Electrocution at home/field)
  4. पेड़, छत या ऊंचाई से अचानक गिर जाना (Falling from height)
  5. खेत में काम करते समय मशीन या ट्रैक्टर से हादसा होना

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FIR Waiver Certificate बनवाने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step Process)

SDM ऑफिस से यह ‘छूट का प्रमाण पत्र’ बनवाने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी होती है। इसे बिना किसी गलती के पूरा करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:

Step 1: पंचायत का प्रस्ताव (Panchayat Resolution)

सबसे पहले आपको अपने गांव की ग्राम पंचायत (सरपंच) से एक लिखित प्रस्ताव बनवाना होगा। इसमें लिखा होना चाहिए कि:

“प्रमाणित किया जाता है कि (मृतक का नाम) की मृत्यु (तारीख) को (जैसे- सांप काटने) से हुई है। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है और परिवार ने कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की है।”

इस प्रस्ताव पर गांव के सरपंच, नंबरदार या 2-3 गवाहों के हस्ताक्षर और मुहर (Stamp) होनी चाहिए।

Step 2: SDM के नाम प्रार्थना पत्र (Application Writing)

एक सादे कागज़ पर अपने इलाके के SDM के नाम एक एप्लीकेशन लिखें।

  • विषय (Subject): DAYALU योजना के तहत मृत्यु क्लेम हेतु FIR से छूट (FIR Waiver) प्रदान करने बारे।
  • दस्तावेज़ लगाएं: इस एप्लीकेशन के साथ पंचायत का प्रस्ताव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PMR), मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), और फैमिली आईडी (PPP) की फोटोकॉपी पिन कर दें।

Important Rule: भले ही आपने FIR न करवाई हो, लेकिन दुर्घटना साबित करने के लिए पोस्टमार्टम (Postmortem) होना अनिवार्य है। बिना पोस्टमार्टम के FIR Waiver बनना और क्लेम पास होना बहुत मुश्किल है।

Step 3: पुलिस / पटवारी द्वारा वेरिफिकेशन (Inquiry)

जब आप फाइल SDM ऑफिस में जमा करेंगे, तो SDM उस एप्लीकेशन को जांच के लिए आपके एरिया के थाने (Police Station) या हलका पटवारी के पास भेजेंगे। अधिकारी गांव में आकर या सरपंच से फोन पर पूछकर तस्दीक करेंगे कि मौत दुर्घटना से ही हुई है।

Step 4: Waiver Certificate जारी होना

थाने या पटवारी से सही रिपोर्ट (Clean Chit) वापस आने के बाद, SDM द्वारा आपको ‘FIR Waiver Letter’ जारी कर दिया जाएगा।

DAPSY पोर्टल पर Waiver कैसे अपलोड करें? (Online Process)

SDM से लेटर मिलने के बाद, नज़दीकी CSC सेंटर पर जाएं और पोर्टल (dapsy.finhry.gov.in) पर यह प्रोसेस करें:

  1. ‘Apply’ पर क्लिक करें और DAYALU (Scheme 1) चुनें।
  2. मृत्यु का कारण “Accidental” चुनें।
  3. जब पोर्टल पर पूछा जाए “Is FIR Registered?” (क्या FIR दर्ज़ है?), तो वहां “No” (नहीं) का विकल्प चुनें।
  4. “No” चुनते ही पोर्टल आपसे “FIR Waiver Document” अपलोड करने के लिए कहेगा।
  5. यहाँ SDM द्वारा दिया गया वह ‘Waiver Certificate’ PDF फॉर्मेट (200-500KB) में अपलोड कर दें।

CSC VLE भाइयों के लिए

  • 90 दिन की लिमिट बचाएं: DAYALU पोर्टल पर मृत्यु के 90 दिन के भीतर फॉर्म भरना ज़रूरी है। SDM ऑफिस से Waiver बनने में 15-20 दिन लग जाते हैं। अगर 90 दिन पूरे होने वाले हैं, तो पोर्टल पर “Is FIR Registered” में “No” करके, Waiver वाले कॉलम में फिलहाल ‘SDM को दी गई एप्लीकेशन की रिसीविंग कॉपी (Receiving Copy)’ अपलोड करके फॉर्म सबमिट कर दें।
  • इससे आपकी 90 दिन की डेडलाइन बच जाएगी। बाद में जब फाइल SDM लेवल पर “Revert” (वापस) होगी, तब असली Waiver Certificate अपलोड कर दें।

नीचे दिए गए लिंक्स का उपयोग करके आप सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं और अपना फॉर्म भर सकते हैं या स्टेटस चेक कर सकते हैं:

ज़रूरी काम (Important Tasks)डायरेक्ट लिंक (Direct Links)
DAYALU Portal (आधिकारिक वेबसाइट)यहाँ क्लिक करें
Apply Online / Login (ऑनलाइन आवेदन करें)यहाँ क्लिक करें
Status Check (अपने क्लेम का स्टेटस देखें)यहाँ क्लिक करें
Haryana DAYALU Yojana Scheme 1 (क्या है?)यहाँ पढ़ें
Janhit e-Solution (होमपेज)यहाँ क्लिक करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या प्राकृतिक मृत्यु (बीमारी आदि) में भी FIR Waiver चाहिए?

बिल्कुल नहीं! बीमारी, हार्ट अटैक या उम्र के कारण होने वाली मृत्यु (Natural Death) में न तो FIR चाहिए और न ही Waiver। उसमें सिर्फ ‘मृत्यु प्रमाण पत्र’ अपलोड करना होता है।

FIR Waiver बनवाने की कोई सरकारी फीस है क्या?

नहीं। SDM ऑफिस से यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क (Free) होती है।

अगर पोस्टमार्टम नहीं हुआ है और अंतिम संस्कार कर दिया है, तो क्या करें?

यह एक जटिल स्थिति है। ऐसे में आपको सीधा SDM और CMO (चीफ मेडिकल ऑफिसर) से संपर्क करके गांव के सरपंच और कई गवाहों के शपथ पत्र (Affidavit) देने पड़ सकते हैं। इसका निर्णय सीधे उच्च अधिकारियों के हाथ में होता है।

Janhit e-Solution निष्कर्ष: अगर किसी गरीब परिवार ने जानकारी न होने के कारण पुलिस केस नहीं किया है, तो उन्हें DAYALU योजना के ₹5 लाख से वंचित नहीं रहना चाहिए। ‘FIR Waiver Process’ थोड़ा लंबा ज़रूर है, लेकिन यह बिल्कुल लीगल तरीका है।

कृपया इस पोस्ट को अपने गांव के सरपंच, व्हाट्सएप ग्रुप्स और सभी दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें, ताकि मुसीबत के समय किसी ज़रूरतमंद को सही रास्ता मिल सके!

Janit Kumar Jatain
Janit Jatain is a CSC-certified Village Level Entrepreneur (VLE) with over 13 years of experience in digital governance. Since 2012, he has been the driving force behind Janhit E-Solution, bridging the gap between government schemes and citizens in Haryana. He specializes in simplifying complex documentation, ensuring verified and accurate information for everyone.

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