Direct Seeded Rice (DSR) Yojana Haryana 2026: Get ₹4500 Subsidy per Acre

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हरियाणा में तेजी से गिरते भूजल स्तर (Groundwater Level) को बचाने के लिए राज्य सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए Direct Seeded Rice (DSR) Yojana को बड़े स्तर पर लागू किया है। इस योजना के तहत जो किसान धान की खेती पारंपरिक तरीके (पानी भरकर प्योद लगाने) के बजाय सीधे मशीन से बीज बोकर करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से ₹4,500 प्रति एकड़ की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

चाहे आप खेती की लागत कम करना चाहते हों या एक CSC VLE के रूप में किसानों का सही पंजीकरण करना चाहते हों, इस आर्टिकल में हमने DSR योजना के फायदे, मशीन किराये पर लेने की सुविधा और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर आवेदन करने का सही तरीका विस्तार से समझाया है।

DSR Yojana Haryana 2026: Key Highlights

विवरण (Feature)जानकारी (Details)
योजना का नामहरियाणा DSR (Direct Seeded Rice) योजना 2026
वित्तीय प्रोत्साहन (Subsidy)₹4,500 प्रति एकड़ (DBT के माध्यम से)
DSR मशीन पर सब्सिडीमशीन खरीद पर 50% तक की छूट (अधिकतम ₹40,000)
मशीन का किराया (कृषि विभाग)लगभग ₹115 प्रति एकड़ (चुनिंदा जिलों में)
पंजीकरण पोर्टलfasal.haryana.gov.in (MFMB)

DSR (धान की सीधी बिजाई) तकनीक क्या है?

आमतौर पर धान की खेती बहुत अधिक पानी और मजदूरी की मांग करती है, जिसमें पहले नर्सरी तैयार की जाती है और फिर पानी से भरे खेतों में पौधों (प्योद) की रोपाई होती है।

DSR (Direct Seeded Rice) तकनीक इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देती है। इसमें ट्रैक्टर से चलने वाली विशेष DSR मशीन का उपयोग करके धान के बीजों को सीधे खेत में बोया जाता है (जैसे गेहूं बोया जाता है)। इस तरीके में खेतों को लगातार पानी से भरकर रखने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे प्रति एकड़ 15 से 25 लाख लीटर तक पानी की बचत होती है और पैदावार भी अच्छी रहती है।

सरकार DSR को बढ़ावा क्यों दे रही है?

हरियाणा सरकार का मुख्य लक्ष्य जल संरक्षण है। धान की पारंपरिक रोपाई के लिए खेतों में पानी भरा होना ज़रूरी होता है, जिससे ज़मीन के नीचे का बहुत ज़्यादा पानी इस्तेमाल होता है। DSR तरीके से पानी का इस्तेमाल बहुत कम हो जाता है, और पैदावार भी अच्छी बनी रहती है। हर एकड़ पर आपको ₹4500 देकर, सरकार इस पानी बचाने वाली तकनीक को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।

DSR मशीनरी कैसे पाएँ (₹115 किराए पर)

अगर आप DSR तरीके का इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास अपनी DSR मशीन नहीं है, तो हरियाणा कृषि विभाग आपकी मदद करेगा।

कुछ खास ज़िलों में, कृषि विभाग किसानों को किराए पर DSR मशीनें देता है। किराए की कीमत पर बहुत ज़्यादा सब्सिडी मिलती है—हर एकड़ के लिए सिर्फ़ लगभग ₹115। आप मशीन ले सकते हैं, अपने खेतों में बुवाई कर सकते हैं, और फिर उसे वापस कर सकते हैं। (ध्यान दें: कृपया अपने स्थानीय ज़िला कृषि कार्यालय जाकर पता करें कि क्या यह किराए की सुविधा आपके ज़िले में उपलब्ध है)

हरियाणा DSR योजना के मुख्य लाभ (Benefits)

इस तकनीक को अपनाने से पर्यावरण और किसान दोनों को फायदा होता है:

  1. ₹4,500 की नकद सब्सिडी: सत्यापन के बाद सीधे किसान के बैंक खाते में ₹4,500 प्रति एकड़ भेजे जाते हैं।
  2. लागत में भारी कमी: नर्सरी तैयार करने, खेत में पानी भरकर कद्दू करने (Puddling) और मजदूरों की रोपाई का खर्च बचता है, जिससे प्रति एकड़ लगभग ₹3,000 से ₹4,000 की बचत होती है।
  3. मशीन किराये पर उपलब्ध: यदि आपके पास DSR मशीन नहीं है, तो हरियाणा कृषि विभाग चुनिंदा जिलों में लगभग ₹115 प्रति एकड़ के मामूली किराये पर किसानों को मशीन उपलब्ध कराता है।
  4. मशीन खरीद पर छूट: जो किसान नई DSR मशीन खरीदना चाहते हैं, उन्हें राज्य सरकार 50% (अधिकतम ₹40,000) तक की सब्सिडी दे रही है।
Direct Seeded Rice (DSR) Yojana Haryana 2026 Choose Yes or No.

How to Apply for DSR Subsidy (ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?)

इस योजना के तहत ₹4,500 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में पाने के लिए किसानों को सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी धान की फसल को दर्ज करना होता है। नए सीजन के लाइव अपडेट्स के लिए आप Meri Fasal Mera Byora Registration Kharif 2026 पेज पर जाकर ऑनलाइन आवेदन की मुख्य तिथियां और नए नियम देख सकते हैं।

अक्सर किसान खेत में DSR मशीन से बिजाई तो कर देते हैं, लेकिन पोर्टल पर एक छोटी सी गलती के कारण उनका पैसा रुक जाता है। अपना ₹4,500 सुनिश्चित करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:

Step 1: पोर्टल पर लॉगिन और भूमि विवरण

पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) पर अपनी फैमिली आईडी से लॉगिन करें और सबसे पहले अपनी जमीन (मुरबा और किल्ला नंबर) जोड़ें।

मदद चाहिए? यदि आपको फॉर्म भरते समय लैंड प्रोफाइल बनाने या काश्तकार (ठेके की जमीन) का विवरण दर्ज करने में कोई समस्या आ रही है, तो हमारी विस्तृत गाइड Meri Fasal Mera Byora Registration Process को स्टेप-बाय-स्टेप फॉलो करें।

Step 2: धान की फसल दर्ज करना (सबसे महत्वपूर्ण स्टेप)

जमीन जोड़ने के बाद जब आप “फसल विवरण भरें” पर जाकर ‘धान’ (Paddy) सेलेक्ट करते हैं, तो पोर्टल आपसे एक सवाल पूछेगा:

  • “क्या आपने धान की बुवाई डीएसआर विधि से की है?” (Have you sown the paddy using the DSR method?)

Step 3: ‘YES’ विकल्प का चुनाव

यही वह स्टेप है जहाँ सबसे ज्यादा गलती होती है। आपको इस विकल्प के आगे “YES” (हाँ) पर टिक करना अनिवार्य है।

अगर आप ‘YES’ नहीं करेंगे या इस हिस्से को छोड़ देंगे, तो कृषि विभाग के पास आपकी रिक्वेस्ट नहीं जाएगी और वेरिफिकेशन न होने के कारण आपको ₹4,500 की सब्सिडी नहीं मिलेगी।

 अतिरिक्त लाभ: धान की कटाई के बाद पराली (Stubble) को न जलाने पर भी सरकार अतिरिक्त ₹1,200 प्रति एकड़ का बोनस देती है। इसकी पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए हमारी पोस्ट Haryana Parali Prabandhan Stubble Management Scheme 2026 अवश्य पढ़ें।

वेरिफिकेशन और पैसा आने की प्रक्रिया (Verification Process)

केवल ऑनलाइन फॉर्म में ‘YES’ करने भर से पैसा नहीं मिलता है। फॉर्म भरने के बाद:

  1. भौतिक सत्यापन (Physical Verification): कृषि विभाग के अधिकारी (ADO) या पटवारी आपके द्वारा दर्ज किए गए किल्ला नंबरों पर जाकर खेत का निरीक्षण करेंगे।
  2. जांच: वे यह देखेंगे कि धान वास्तव में DSR मशीन से बोया गया है या पारंपरिक तरीके से प्योद लगाई गई है।
  3. पेमेंट: अगर अधिकारी की रिपोर्ट सही पाई जाती है, तो आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ₹4,500 प्रति एकड़ की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। (यदि जांच में पाया गया कि आपने प्योद लगाई है लेकिन पोर्टल पर DSR भरा है, तो आवेदन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा)।

योजनाओं का लाभ उठाने और ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए नीचे दिए गए सीधे लिंक्स (Direct Links) का उपयोग करें:

विवरण (Important Links)आधिकारिक लिंक (Click Here)
MFMB आधिकारिक पोर्टल (Official Website)यहाँ क्लिक करें
किसान ऑनलाइन पंजीकरण (Farmer Direct Login)यहाँ क्लिक करें
CSC VLE लॉगिन (सीएससी संचालक लॉगिन)यहाँ क्लिक करें
आधार-बैंक लिंक स्टेटस चेक करें (DBT के लिए)यहाँ क्लिक करें

📌 जनहित ई-समाधान (Janhit E Solution) की विशेष गाइड्स:

योजनाओं को गहराई से समझने के लिए हमारे इन आर्टिकल्स को अवश्य पढ़ें:

कृषि विभाग टोल-फ्री हेल्पलाइन: किसी भी तकनीकी समस्या के लिए 1800-180-2060 पर (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) संपर्क करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हरियाणा DSR योजना 2026 क्या है?

यह धान की सीधी बिजाई (Direct Seeded Rice) योजना है, जिसमें पानी बचाने के लिए किसानों को बिना प्योद लगाए मशीन से धान बोने पर ₹4,500 प्रति एकड़ की सब्सिडी दी जाती है।

मैं DSR योजना के ₹4,500 के लिए आवेदन कैसे करूँ?

आपको मेरी फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) पोर्टल पर अपनी धान की फसल दर्ज करते समय “क्या आपने DSR विधि से बुवाई की है?” के विकल्प पर ‘YES’ सेलेक्ट करना होगा। कोई अलग से फॉर्म नहीं भरना है।

क्या मुझे DSR मशीन किराए पर मिल सकती है?

जी हाँ, कृषि विभाग चुनिंदा जिलों में किसानों को मात्र ₹115 प्रति एकड़ के मामूली किराये पर DSR मशीनें उपलब्ध कराता है। आप अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

ठेके (Lease) पर खेती करने वालों को DSR का पैसा मिलेगा या जमीन मालिक को?

जो किसान पोर्टल पर स्वयं को ‘अन्य काश्तकार’ (Leased/Theka) के रूप में पंजीकृत करेगा और जमीन मालिक के OTP से वेरिफिकेशन पूरा करेगा, सब्सिडी का पैसा उसी किसान (काश्तकार) के बैंक खाते में आएगा।

DSR सब्सिडी का पैसा कब और कैसे मिलता है?

फसल की बिजाई के बाद कृषि विभाग द्वारा खेत का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है। रिपोर्ट पास होने के बाद पैसा सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में (DBT द्वारा) आ जाता है।

Janit Kumar Jatain
Janit Jatain is a CSC-certified Village Level Entrepreneur (VLE) with over 13 years of experience in digital governance. Since 2012, he has been the driving force behind Janhit E-Solution, bridging the gap between government schemes and citizens in Haryana. He specializes in simplifying complex documentation, ensuring verified and accurate information for everyone.

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